चलत डगरिया पीरा जाला पांव रेजोनिहो सो दुरवा बलमुआ के गांव रेचलत डगरिया पीरा जाला पांव रेजोनिहो सो दुरवा बलमुआ के गांव रेजाके अकेले वा संगी ना साथीनइखे सवारी गाड़ी घोड़ा हाथीबीच दरिया बा दरिया में नइखे नाव रेजोनिहो सो दुरवा बलमुआ के गांव रेकरनी धरनी तो फेरा में परनीबड़ा रे कठिन बा पार करे बेतरणीतैराना नाही आवे दरिया में बा डुबाबा रेजोनिहो सो दुरवा बलमुआ के गांव रेकरबा वो ही पाइवा कमेवा वही खैवादुसरा के देख देख पीछे पछतायेवादेवेंद्र सबर कर कैलश्वा सब्र...