थाम लो हाथ मेरा जो मेरे प्रभु
डूबते को सहारा मिल जाएगा
लाज मेरी तुम्हारी भी रह जायेगी,
खुशियों का कंवल दिल मे खिल जाएगा
भटकते हम रहे हैं जनम दर जनम
अब तलक ना किये कोई अच्छे करम
जान पाया न अब तक तुम्हारा मरम
पाल रख्खे थे मन मे हजारों भरम
मेरी नैया फसी देखो, मंझधार है
तुम जो चाहो किनारा मिल जाएगा
थाम लो हाथ मेरा .. .
✍️कृपा राज







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