Monday, April 20, 2026
मैया, मैं तो चंद-खिलौना लैहौं -: सूरदास
11:30 PM
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मैया, मैं तो चंद-खिलौना लैहौं।
जैहौं लोटि धरनि पर अबहीं, तेरी गोद न ऐहौं॥
सुरी कौ पय पान न करिहौं, बेनी सिर न गुहैहौं।
ह्वैहौं पूत नंद बाबा कौ, तेरौ सुत न कहैहौं॥
आगैं आउ, बात सुनि मेरी, बलदेवहि न जनैहौं।
हँसि समुझावति, कहति जसोमति, नई दुलहिया दैहौं॥
तेरी सौं, मेरी सुनि मैया, अबहिं बियाहन जैहौं।
सूरदास ह्वै कुटिल बराती, गीत सुमंगल गैहौं॥
श्री कृष्ण कह रहे हैं, “मैया! मैं तो यह चंद्रमा-खिलौना लूँगा। यदि तू इसे नहीं देगी तो अभी ज़मीन पर लोट जाऊँगा, तेरी गोद में नहीं आऊँगा। न तो गैया का दूध पीऊँगा, न सिर में चुटियाँ गुँथवाऊँगा। मैं अपने नंद बाबा का पुत्र बनूँगा, तेरा बेटा नहीं कहलाऊँगा।” तब मैया यशोदा हँसती हुई समझाती हैं और कहती हैं “आगे आओ! मेरी बात सुनो, यह बात तुम्हारे दाऊ भैया को मैं नहीं बताऊँगी। तुम्हें मैं नई दुल्हनिया लाकर दूँगी।” यह सुनकर कृष्ण कहने लगे “तू मेरी मैया है, तेरी शपथ, सुन! मैं इसी समय ब्याह करने जाऊँगा।” सूरदास जी कहते हैं प्रभु! मैं आपका कुटिल बाराती बनूँगा और आपके विवाह में मंगल के सुंदर गीत गाऊँगा।
Monday, April 13, 2026
बहुत नाच जिनिगी नचावत रहलहँसावत, खेलावत, रोआवत रहल मनोज 'भावुक'
9:28 PM
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#जिनिगी
बहुत नाच जिनिगी नचावत रहल
हँसावत, खेलावत, रोआवत रहल
कहाँ खो गइल अब ऊ धुन प्यार के
जे हमरा के पागल बनावत रहल
बुरा वक्त में ऊ बदलिये गइल
जे हमरा के आपन बतावत रहल
बन्हाइल कहाँ ऊ कबो छंद में
जे हमरा के हरदम लुभावत रहल
उहो आज खोजत बा रस्ता, हजूर
जे सभका के रस्ता देखावत रहल
जमीने प बा आदमी के वजूद
तबो मन परिन्दा उड़ावत रहल
कबो आज ले ना रुकल ई कदम
भले मोड़ पर मोड़ आवत रहल
लिखे में बहुत प्राण तड़पल तबो
गजल - गीत ‘भावुक’ सुनावत रहल
✍️ मनोज 'भावुक'
सिवान, बिहार
Sunday, April 12, 2026
चल चली माई कामख्या स्थानवा ए बलमु पूरा करिहें अरमानवा ए बलमु गीत -:कुश तिवारी
8:37 PM
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चल चली माई कामख्या स्थानवा ए बलमु
पूरा करिहें अरमानवा बलमु
सुनी न की मैया हमार हई बड़ा दानी,
भक्तन के लाज रखेली महारानी
मैया के चढ़ावल जाई नरियर चुनरिया ए बलमु
पूरा करिहें अरमानवा बलमु....…..
निर्धन के धन देली कोढ़ीयन के तनवा
सेवक बझीनियन के दे दे ली लालनवा
रातभर जागल जाई माई के सरनवा ए बालमु
पूरा करिहें अरमानवा बलमु...........
ग़ाज़ीपुर से तनिक दूरी माई के बा धमवा
मन मे विचार बाटे आई हम सरनवा
कुश तिवारी गईहै माई के भजनवा ए बलमु
पूरा करिहें अरमानवा बलमु
गीतकार -: कुश तिवारी
Monday, April 6, 2026
दिल चुरावे ना आवेला उनकागुल खिलावे ना आवेला उनका -: मनोज भावुक
10:22 PM
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दिल चुरावे ना आवेला उनका
गुल खिलावे ना आवेला उनका
बात के त लगा लेलें दिल से
दिल लगावे ना आवेला उनका
जान से जादा चाहेलें हमके
ई बतावे ना आवेला उनका
साध लागेला हमरो कि रूसीं
पर मनावे ना आवेला उनका
बाड़े गजबे छलक जालें कतहूं
गम छुपावे ना आवेला उनका
सब पे विश्वास कर लेलें भावुक
आजमावे ना आवेला उनका
ग़ज़ल
© मनोज भावुक
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