Sunday, April 12, 2026

चल चली माई कामख्या स्थानवा ए बलमु पूरा करिहें अरमानवा ए बलमु गीत -:कुश तिवारी

चल चली माई कामख्या स्थानवा ए बलमु

पूरा करिहें अरमानवा बलमु


सुनी न की मैया हमार हई बड़ा दानी,

भक्तन के लाज रखेली महारानी

मैया के चढ़ावल जाई नरियर चुनरिया ए बलमु

पूरा करिहें अरमानवा बलमु....…..


निर्धन के धन देली कोढ़ीयन के तनवा

सेवक बझीनियन के दे दे ली लालनवा

रातभर जागल जाई माई के सरनवा ए बालमु

पूरा करिहें अरमानवा बलमु...........


ग़ाज़ीपुर से तनिक दूरी माई के बा धमवा

मन मे विचार बाटे आई हम सरनवा

कुश तिवारी गईहै माई के भजनवा ए बलमु

पूरा करिहें अरमानवा बलमु


गीतकार -: कुश तिवारी


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