Tuesday, January 7, 2025
तोहरे करनवा छोड़नी 2 बाबूजी के देश
7:14 AM
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गवाना मोर कराइ के दूर देश मत जाय २
बिन तुमरे कैसे चले तरुनाई की तार
तोहरे करनवा छोड़नी 2 बाबूजी के देश
हमरा लाई के गवनवा ऐ सईया जिन जा विदेश 2
सखियां सहेलियों छोड़नी छोड़नी नईहरवा
खुशी खुशी अइल पिया हम तो हरा घरवा २
अ व ते घरे मे काहे मारे जिया ठेस
जाएके रहे त कहे,डोलियां फनवल
सुनी सेजरिया हमके बिरहीन बनवल 2
सहलो ना जाला हमसे 2अब ई कलेश
हमरा लाई के .............
कटले से कटे नाही बिरह के रतिया
रही रही याद आवे तोहरी सुरतिया
कहे एतना दे ल सइया दिल में कलेश
हमरा लाई के .............
तोहरे करनवा छोड़नी 2 बाबूजी के देश
हमरा लाई के गवनवा ऐ सईया जिन जा विदेश 2
शिव भजन -: गंगा किनारे मन्दिर तेरा भूतो का तू स्वामी है
7:07 AM
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गंगा किनारे मन्दिर तेरा भूतो का तू स्वामी है
सारी दुनिया बोले तुझको बाबा औधड़ दानी है।- 2
मरघट के पास में डेरा है क्या अद्भुत तेरा बसेरा है-2
पीछे में गंग की धारा है तेरा धाम ही प्यारा है
तेरा धाम ही प्यारा है
देव तुम्हारी महिमा गावे माया किसने जानी है।
सारी दुनिया......
गंगा किनारे मन्दिर तेरा...........
सारी दुनिया बोले तुझको.............
माथे पर तेरे चन्दा है, और बहती जटा में गंगा है-2
भूतो के साथ मे रहता है और काटे यम का फंदा है
और काटे यम का फंदा है
शामसानो में धूनि रामाये ये क्या तूने ठानी है
सारी दुनिया......
गंगा किनारे मन्दिर तेरा...........
सारी दुनिया बोले तुझको.............
जिसने भी तेरा नाम जपा उसका तूने कल्याण किया-2
जो रोज नियम से पूजा करें उसको तो मालामाल किया
उसको तो मालामाल किया
तीनो लोकों में न जाना तुझसा कोई दानी है
सारी दुनिया......
गंगा किनारे मन्दिर तेरा...........
सारी दुनिया बोले तुझको.............
तू भूतेश्वर कहलाता है तू सबका भाग्य विधाता है-2
जो भक्त खुशी से ध्यान धरे तू उनका साथ निभाता है।
तू उनका साथ निभाता है।
भूतेश्वर बाबा का भक्तो और न कोई सानी है
सारी दुनिया......
गंगा किनारे मन्दिर तेरा...........
सारी दुनिया बोले तुझको.............4
चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे
6:56 AM
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चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे 2 सगर सूतो की, ये मुक्ति दात्री 2
नमामि ................2
विष्णु प्दामुजा बर्म्हामु कमंडल
और कठवती रैदास की है 2
शिव की जटा से, है धार निकली 2
नमामि ................2
सुता हिमालय की भीष्म जननी
धरा पर आई है पाप हरने 2
जन्हु की जंघा, वितरण करती 2
बहे अभंगे नमामि गंगे
नमामि ................2
जहा भागीरथ की साधना हो
तपस्या करते महा मना हो 2
निर्मल अविरल तरल तरंगे
नमामि ................2
महा मना की ये कामना है
बहे अभंगे नमामि गंगे 2
धरा को उर्वर बनाने वाली 2
चली भागीरथ के संगे संगे 2
चली गगन से तरनी तरंगे 2
नमामि गंगे नमामि गंगे 2
चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे 2
सगर सूतो की ये मुक्ति दात्री 2
नमामि ................
ओ मईया तैने का ठानी मन में -: गीतकार -; रवीन्द्र जैन
6:51 AM
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ओ मईया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइरी वन में -२
हाय री तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दइ री वन में -२
यधपि भरत तेरो ही जायो,
तेरी करनी देख लज्जायो,
अपनों पद तैने आप गँवायो
भरत की नजरन में,
राम-सिया भेज........
हठीली तैने .....
महल छोड़ वहाँ नहीं’ रे मड़ैया,
सिया सुकुमारी,संग दोउ भईया,
काहू वृक्ष तर भीजत होंगे, तीरो मेहन में,
राम-सिया भेज...........
दीवानी तैने का........
राम-सिया भेज ..........
कौशल्या की छिन गयी वाणी,
रोय ना सकी उर्मिला दीवानी,
कैकेयी तू बस एक ही रानी
रह गयी महलन में,
राम-सिया भेज.......
दीवानी तैने का.........
राम-सिया भेज......….
यह गीत भारत देश के सुप्रसिद्ध धारवाहिक रामायण से लिया गया है। जिसे रामानंद सागर जी ने बनाया था और इस धारवाहिक के लगभग सारे गीत को खुद रविन्द्र जैन ने लिखने के साथ गाया व संगीतबद्ध किया किया है।
जय प्रभु श्री राम।।
घर दुवार खेत बारी दीहल अलगाई केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई -: गीतकार सुनील यादव युवा किसान
6:44 AM
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घर दुवार खेत बारी दीहल अलगाई केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई-५
जर जर बढूउती आईल थाक गईल जांगर
चलल जाला राह नाही,काँपे दुनु टागर-२
बढूउती चली के हई अंगूरी धराई-२
केकरा में बाबू रहीहे केकरा माई-२
का होई खेत बारी, के जोती के बोई
थाकल शरीर हमसे,कौन काम होई-२
उठल न बइठल जाला, चलता दवाई-२
केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई-२
अखियों से कमे लउके, कमे सुनाला
बिगड़े ला काम घर के, बहुते बुझाला-२
चले नाई चारा कौनो, केतनो छटपटाई-२
केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई-२
पालन पोषण कइनी तोहके कोड़ अकामके
ई दिन देखतानी बढूउती में आके
बहुते कम जिनगी बाटे, कैसे ई ओराई
केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई-२
घर दुवार खेत बारी दीहल अलगाई
केकरा में बाबू रहीहें केकरा माई-५
गणेश वंदना - गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२ -: गीतकार अजय त्रिपाठी
6:40 AM
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वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-४
घर मे पधारों मेरे घर मे पधारों-२
काटो सकल क्लेश जी मेरे घर मे पधारों
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२
एक दन्त दया वंत चार भुजा धारी
माथे सिंदुर शोभे मुस की सवारी
सर्व सिद्ध सर्वेश जी मेरे घर मे पधारों
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता
विद्या वारि धी बुद्धि विधाता
गणपति पुत्र उमेश जी मेरे घर मे पधारों
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२
शंकर सुवन भवानी नन्दन
चरण कमल पर सत सत बन्दन
रिद्धि सिद्धि के प्राणेश जी मेरे घर में पधारों
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२
पधारों ---
काटो सकल क्लेश जी मेरे घर मे पधारों
गौरी के पुत्र गणेश जी मेरे घर मे पधारों-२
होली गीत- गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२ -; मनोज तिवारी
6:15 AM
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शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
केकर भींगे लाल चुनरियां-२ केकर भिंगेला श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
केकर भिंगेला श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग
गौरी के भिंगेला लाल चुनरिया, शिव के भिंगेला श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
शिव के भिंगेला श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
कहवा झुराबे लाल चुनरियां कहा झुरबो श्रीपाग
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
कहवां झुराबे श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
काशी में झुराबे लाल चुनरियां, झारखंड श्रीपाग
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
झारखंड श्रीपाग-२
गौरी संग लिए शिव शंकर खेलत फ़ाग-२
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