Tuesday, March 3, 2026

रहिया निहारे पिपरवा के छाव रेआजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे

रहिया निहारे पिपरवा के छाव रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


याद करा तुहु पहिले के बतिया

होलिया के दिनवा आ होलिया के रतिया

फिर से उहे पिरितिया जगाव रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


तोहरा बिना ई फगुनवा न सोहे

लाल गुलाबी अंगनवा न सोहे

केतनो पियाई चढ़त नइखे भाग रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


सुनिके पपीहरा और मोरवा के बोलिया

लागे करेजवा में जैसे कि गोलियां

नीक न लागे कागा के काव रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


अमवा इमिलिया के सुंदर बगिया

ग उ वा के लोगवा के मीठी मीठी बोलिया

कहे जितेंद्र वचनिया निभाव रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


रहिया निहारे पिपरवा के छाव रे

आजा परदेसिया बोलावे तोर गांव रे


रचना गायन-:

जितेंद्र पांडेय जी 

अयोध्या उत्तर प्रदेश



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