कहली पत्नी पति से भये पांच साल किनले नथुनी
अब हार ले आव हे संइया बहुत दिन कुछ ना कहनी
कब्बो बाढ़ त कब्बो सूखा तोहरो बहाना खूब सुननी
"सागर"स्नेह नेह में तोहरी कबहूं कुछ हम ना मंगनी
कइसे् लें आईं तोहरा के हार धनिया
अब्बो नथुनी के बाकी उधार धनिया
धीरे धीरे पांच साल बाटे नियराइल
नथुनी के पइसा ना अबले दियाइल
लाजे जांयी ना हमहूं बाजार धनिया
कइसे लें आईं तोहरा के हार धनिया
एक बात कहीं हम मान मोरी रानी
सेनुरा सुहाग के ह असली निशानी
हम त हयीं सेनुरवा तोहार धनिया
कइसे लें आईं तोहरा के हार धनिया
"सागर सनेही" हम करतानी वादा
येह साल मेहनत करब हम ज्यादा
देके पहिला उधार लेबें हार धनिया
कइसे लें आईं तोहरा के हार धनिया







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