Thursday, July 31, 2014
Raz ki bate likhi aur khat khula rahane diya By Gulam Ali
5:11 AM
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राज़ की बातें लिखी और ख़त खुला रहने दिया
राज़ की बातें लिखी और ख़त खुला रहने दिया
जाने क्यूँ रुसवाईओं का सिलसिला रहने दिया
उम्र भर मेरे साथ रहकर वो ना समझा दिल की बात
दो दिलों के दरमियाँ इक फ़ासला रहने दिया
अपनी फ़ितरत वो बदल पाया न इसके बावजूद
खत्म की रंजिश मगर फिर भी गिला रहने दिया
मैं समझता था ख़ुशी देगी मुझे साबीर फरेब
इसलिए मैं ने ग़मों से राबिता रहने दिया
साबिर जलालाबादी
राज़ की बातें लिखी और ख़त खुला रहने दिया
जाने क्यूँ रुसवाईओं का सिलसिला रहने दिया
उम्र भर मेरे साथ रहकर वो ना समझा दिल की बात
दो दिलों के दरमियाँ इक फ़ासला रहने दिया
अपनी फ़ितरत वो बदल पाया न इसके बावजूद
खत्म की रंजिश मगर फिर भी गिला रहने दिया
मैं समझता था ख़ुशी देगी मुझे साबीर फरेब
इसलिए मैं ने ग़मों से राबिता रहने दिया
साबिर जलालाबादी
Karoge yad to har bat yad aayegi By Bhupinder Singh
5:05 AM
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करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी
गुजरते वक्त की, हर मौज ठहर जायेगी
ये चाँद बीते जमानो का आईना होगा
भटकते अब्र में चेहरा कोई बना होगा
उदास राह कोई दास्ताँ सुनाएगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी....
बरसता भीगता मौसम धुवा धुवा होगा
पिघलती शम्मो पे दिल का मेरे गुमा होगा
हथेलियों की हिना, याद कुछ दिलायेगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी.....
गली के मोड़ पे, सूना सा कोई दरवाजा
तरसती आँखों से, रास्ता किसी का देखेगा
निगाह दूर तलक, जा के लौट आयेगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी......
बशर नवाज़
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी
गुजरते वक्त की, हर मौज ठहर जायेगी
ये चाँद बीते जमानो का आईना होगा
भटकते अब्र में चेहरा कोई बना होगा
उदास राह कोई दास्ताँ सुनाएगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी....
बरसता भीगता मौसम धुवा धुवा होगा
पिघलती शम्मो पे दिल का मेरे गुमा होगा
हथेलियों की हिना, याद कुछ दिलायेगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी.....
गली के मोड़ पे, सूना सा कोई दरवाजा
तरसती आँखों से, रास्ता किसी का देखेगा
निगाह दूर तलक, जा के लौट आयेगी
करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी......
बशर नवाज़
Saturday, May 24, 2014
aapan lalna aapan lalna jhulave rani yashoda aapan (Sohar Geet)
11:48 AM
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आपन ललना आपन ललना, झुलावे रानी यशोदा आपन (सोहर गीत)
आपन ललना आपन ललना -२
झुलावे रानी यशोदा आपन
खेलावे नन्द बाबा आपन ललना
चलत श्याम बड़ा नीक लगे-२
सजल घर अगना आपन ललना
झुलावे रानी यशोदा आपन ...........................
गावत बजावत पवनी आईली
मागे ली नीक गहाना आपन ललना
झुलावे रानी यशोदा आपन .............................
आपन ललना आपन ललना -२
झुलावे रानी यशोदा आपन
खेलावे नन्द बाबा आपन ललना
चलत श्याम बड़ा नीक लगे-२
सजल घर अगना आपन ललना
झुलावे रानी यशोदा आपन ...........................
गावत बजावत पवनी आईली
मागे ली नीक गहाना आपन ललना
झुलावे रानी यशोदा आपन .............................
Charo bhaiya lihal janava ho rama (Chaita Geet)
10:17 AM
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चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा ... (चैइता गीत)
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
केकर हउव राम, केकर हउव लक्ष्मण -2
केकर हउव भरत भुवलवा हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................ -2
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
कौशल्या के राम, सुमित्रा के लक्ष्मण -2
कैकेयी के भरत भुवलवा हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................ -2
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
केकर हउव राम, केकर हउव लक्ष्मण -2
केकर हउव भरत भुवलवा हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................ -2
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
कौशल्या के राम, सुमित्रा के लक्ष्मण -2
कैकेयी के भरत भुवलवा हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................ -2
चारो भैया लिहल, जनमवा, हो रामा
चैत शुभ दिनवा................................-2
Friday, December 6, 2013
Rafta Rafta wo meri Hasti ke saman Ho gaye - Mehdi Hassan
रफ्ता रफ्ता वो मेरे हस्ती का सामां हो गये
पहले जां फिर जानेजां फिर जानेजाना हो गए
दिन-ब-दिन बढती गईं इस हुस्न की रानाइयां
पहले गुल फिर गुल-बदन फिर गुल-बदामां हो गए
आप तो नज़दीक से नज़दीक-तर आते गए
पहले दिल, फिर दिलरुबा, फिर दिल के मेहमां हो गए
प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गए
आप से , फिर तुम हुए, फिर तू का उन्वां हो गए
गायक ___मेहँदी हसन
पहले जां फिर जानेजां फिर जानेजाना हो गए
दिन-ब-दिन बढती गईं इस हुस्न की रानाइयां
पहले गुल फिर गुल-बदन फिर गुल-बदामां हो गए
आप तो नज़दीक से नज़दीक-तर आते गए
पहले दिल, फिर दिलरुबा, फिर दिल के मेहमां हो गए
प्यार जब हद से बढ़ा सारे तकल्लुफ मिट गए
आप से , फिर तुम हुए, फिर तू का उन्वां हो गए
गायक ___मेहँदी हसन
Apani marzi se kha apane safar ke hum hai by jagjit singh
अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं,
रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं।
पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है,
अपने ही घर में किसी दूसरे घर के हम हैं।
वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से
किसको मालूम कहाँ के हैं, किधर के हम हैं।
चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब
सोचते रहते हैं किस रहग़ुज़र के हम हैं।__निदा फ़ाजली
गायक ___जगजीत सिंह
रुख हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं।
पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है,
अपने ही घर में किसी दूसरे घर के हम हैं।
वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों से
किसको मालूम कहाँ के हैं, किधर के हम हैं।
चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब
सोचते रहते हैं किस रहग़ुज़र के हम हैं।__निदा फ़ाजली
गायक ___जगजीत सिंह
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