My Parents Shree Jai Prakash Tiwari Kanchan Tiwari

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Lav Tiwari and Kush Tiwari Live Performance at Chhat Mahotsav in Noida

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Me and Noida MLA Smt Vimla Batham

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Lav Tiwari and Kush Tiwari on Mahuaa Plus

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Big Brother Ravi Pratap Singh

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Me Ravinder Goel and Chiranjeet Sir

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Tuesday, January 7, 2025

हमके लेले अइह गजरा बजरिया से -: रचना श्री विद्यासागर स्नेही जी

छुपके छुपाइके नजरिया से
हमके लेले अइह गजरा बजरिया से

गजरा ले आके पिया केश में लगइह
प्यार विश्वास के उमिरिया बढ़इह
बाजी प्रीत के गीत सेजरिया से
हमके लेले अइह गजरा बजरिया से

गजरा त ह पिया प्यार के निशानी
करिह ना कबहूँ तूं येसे बेइमानी
ना त गिर जइब हमरी नजरिया से
हमके लेले अइह गजरा बजरिया से

हमरा के हरदम दिलवा में रखिह
सागर सनेही से बाकी कुछ सीखिह
रहिह बन्हल तूं प्रेम की रसरिया से
हमके लेले अइह गजरा बजरिया से

रचना श्री विद्यासागर स्नेही जी



रोइ, रोइ करें बेटी फोन अपनी माई के बछिया तोहार अइली घर में कसाई के -: विद्या सागर "सागर सनेही"

रोइ, रोइ करें बेटी फोन अपनी माई के

बछिया तोहार अइली घर में कसाई के


भेजलू बनाके, सजाके बहू रानी

सासु, ननदिया बनवली नौकरानी

कहिके भिखारिन  मारें झोंटा झोटियाइके

बछिया तोहार अइली घर में कसाई के


माह  छगो बीतल माई अइले गवनवा

मुहंवा से बोलल नाहीं अबले सजनवा

मारेलं लाते, लबदा रोज खिसियाइके

बछिया तोहार अइली घर में कसाई के


डरे नाहीं आवे नीद सुन महतारी

हमरा बा शक कहियो दिहं जारी, मारी

जनवा बचाल माई हमके बोलवाइके

बछिया तोहार अइली घर में कसाई के


 कुछ नाहीं कहब भले आधा पेट खाइब

भउजी के छाड़ी,  पहिनी दिनवा बिताइब

सागर सनेही "माई रोकिल तबाही के

बछिया तोहार अइली घर में कसाई के




आज होइ गइली बिटिया पराई न रे -: विद्या सागर "सागर सनेही"

 सुसुकि सुसिक रोंवे दुअरा पे बाबुल

घरवा में रोवताड़ी माई न रे 

आज होइ गइली बिटिया पराई न रे।


रहि रहि धधके करेजवा में अगिया

एक ही कोयल बिन सून भइली बगिया    

ना जाने फिर कब चहकी चिरइया,        

जाने बहार कब आई न रे

आज होइगइली बिटिया पराई न रे


रखलीं जतन से बड़ा रे जोगा के

बहिंया के पलना में झुलना झुलाके

अंखिया से दूर गइली दिल के दुलरुई

केकरा से दुखवा बताईं न रे

आज होइगइली बिटिया पराई न रे


प्रीतिया के रीतिया ह गजबे निराली

कहीं के कली कहीं फूल बन जाली

"सागर सनेही" नेह दूनों ओर बांटे

दूगो परिवार के मिलाई न रे

आज होइगइली बिटिया पराई न रे।


विद्या सागर "सागर सनेही




Friday, January 3, 2025

मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है

मोहब्बत से इनायत से वफ़ा से चोट लगती है
बिखरता फूल हूँ मुझ को हवा से चोट लगती है

मिरी आँखों में आँसू की तरह इक रात आ जाओ
तकल्लुफ़ से बनावट से अदा से चोट लगती है

मैं शबनम की ज़बाँ से फूल की आवाज़ सुनता हूँ
अजब एहसास है अपनी सदा से चोट लगती है

तुझे ख़ुद अपनी मजबूरी का अंदाज़ा नहीं शायद
न कर अह्द-ए-वफ़ा अह्द-ए-वफ़ा से चोट लगती है



Tuesday, December 31, 2024

करूं वंदना आराधना हे गौरी पुत्र गजानन –: कमलेश उपाध्याय हरिपुरी

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

करूं वंदना आराधना हे गौरी पुत्र गजानन 
जय जय गणेश जय श्री गणेश

तू ही हो सुख करता देवा
तू ही हो दुख हरता देवा
हे गज मु खा यः लम्बोदराय 
शिव पार्वती के नंदना
जय जय गणेश ........

हे एकदंताय विद महेश
हे वक्रटुंडाए धीमहि
मोदक प्रियी, रिद्धि सिद्धि पति
सोहे माथ तिलक श्री चांदना
जय जय गणेश ........


करूं वंदना आराधना हे गौरी पुत्र गजानन 
जय जय गणेश जय श्री गणेश



Tuesday, December 24, 2024

नैना बेईमान चार हो जाला गीतकार– श्री अजय त्रिपाठी

नैना बेईमान चार हो जाला 
चाहा न चाहा प्यार हो जाला

हिले न होठ करे बात मिल हीया से हीया
एक दूसरा से दीदार हो जाला
चाहा न चाहा प्यार हो जाला.....

कटे रात औरी दिन में जब बैचेनी होला
त बे मनवा लाचार हो जाला
चाहा न चाहा प्यार हो जाला.....

रूप निखरल बा ए जवानी के ४
देखे खातिर मन बेचैन हो जाला
चाहा न चाहा प्यार हो जाला.....







Wednesday, November 20, 2024

हे गजवदन गणेश जी हम तोहके पुकारीं -: विद्या सागर "सागर सनेही

हे गजवदन गणेश जी हम तोहके पुकारीं
विघ्न हरण विघ्नेश जी हम तोहके पुकारीं

हाथी के मुंह राउर मानुष के तनवा
आवे जायेके बाटे मूस के सधनवा
सिद्धि सदन सर्वेश जी हम तोहके पुकारीं
हे गजवदन गणेश जी हम तोहके पुकारीं

अग्र पुजित गणपति गण नायक
विघ्न विनाशक हे सुखदायक
कृपा कर हरमेश जी हम तोहके पुकारीं
हे गजवदन गणेश जी हम तोहके पुकारीं

माथे मुकुट सोहे चार भुजा धारी
एक दन्त दयावन्त संत हीतकारी
सागर के हर लीं कलेश जी हम तोहके पुकारीं
हे गजवदन गणेश जी हम तोहके पुकारीं