My Parents Shree Jai Prakash Tiwari Kanchan Tiwari

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Lav Tiwari and Kush Tiwari Live Performance at Chhat Mahotsav in Noida

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Me and Noida MLA Smt Vimla Batham

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Lav Tiwari and Kush Tiwari on Mahuaa Plus

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Big Brother Ravi Pratap Singh

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Me Ravinder Goel and Chiranjeet Sir

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Tuesday, August 12, 2025

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने वही ये सृष्टि चला रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने 2

वही ये सृष्टि चला रहे है,

जो पेड़ हमने लगाया पहले,

उसी का फल हम अब पा रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये सृष्टि चला रहे है ॥

इसी धरा से शरीर पाए,

इसी धरा में फिर सब समाए,

है सत्य नियम यही धरा का,

है सत्य नियम यही धरा का,

एक आ रहे है एक जा रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये सृष्टि चला रहे है ॥

जिन्होने भेजा जगत में जाना,

तय कर दिया लौट के फिर से आना,

जो भेजने वाले है यहाँ पे,

जो भेजने वाले है यहाँ पे,

वही तो वापस बुला रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये सृष्टि चला रहे है ॥

बैठे है जो धान की बालियो में,

समाए मेहंदी की लालियो में,

हर डाल हर पत्ते में समाकर,

हर डाल हर पत्ते में समाकर,

गुल रंग बिरंगे खिला रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये सृष्टि चला रहे है ॥

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,

वही ये सृष्टि चला रहे है,

जो पेड़ हमने लगाया पहले,

उसी का फल हम अब पा रहे है,

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने,वही ये सृष्टि चला रहे है 

नाम पाक , नापाक इरादा तेरा पाकिस्तान रे।भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे।।

बदलकर भेष क्यो मारा, न हिदुस्तान में आआओ
हमे अगर आजमाना है तो रण मैदान में आओ

नाम पाक , नापाक इरादा तेरा पाकिस्तान रे।
भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे।।

भेष बदलकर धोखा देना आदत तेरी पुरानी है 
मां का दूध पिया है गर तो करता क्यों नादानी है 
दम है प्यारे पास तुम्हारे आजा रण मैदान रे
भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे

याद करो सन् पैंसठ को लाहौर में घुस कर मारे थे 
चरणों में गिर कर तेरे आका रक्षा करो पुकारे थे
दया लगी दे दिये जीत कर फिर से तुझको दान रे
भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे

सन् एकहत्तर में फिर से जो तुमने की मनमानी 
तेरी ऐसी तैसी कर के हमने याद दिला दी नानी 
बांट दिया दो टुकड़ों में, तोड़ दिया अभिमान रे
भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे

पहल गांव में पहल घिनौना तेरी जाति बताता है 
कुत्ते की दुम सीधी करना हमको भी तो आता है 
अबकी "सागर" रेलेंगे मिट जाये नाम निशान रे
भूल रहा है शायद तेरा बाप है हिन्दुस्तान रे

बात बहुते रहे जे कहल ना गइल।कुछ त रउरो तरफ से पहल ना भइल।

बात बहुते रहे जे कहल ना गइल।
कुछ त रउरो तरफ से पहल ना भइल।

हास में लोर के, पीर में प्यार के
जीत के ना कथा नित मिलल हार के
मिटि गइल सब हरफ खत के' धइले धइल। 

जाड़ के राति ठिठुरलि रजाई बिना
जेठ सोचत ह बेना किनाई कि ना
अब त सावन परा जात फइले फइल। 

देश घर गाँव जनता के' सरकार के
काटि टुकड़ा करनिहार किरदार के
साफ कुरुता के' नीचे लभेरल मइल। 

ज्ञान के भौन से बेसुरा तान के
साथ में ढोल फाटल पिटत डॉन के
घोरि के पी गइल सब शराफत कइल।

हमारे बाद हाले ग़म सुनाने कौन आएगाहँसाने सब तो आयेगे रुलाने कौन आएगा.

हमारे बाद हाले ग़म सुनाने कौन आएगा
हँसाने सब तो आयेगे रुलाने कौन आएगा

बहारे फूल बरसाया करेगी हर बरस लेकिन
तुम्हारी राह में आँखे बिछाने कौन आएगा

मेरी आँखों मे जब आंसू न होंगे ए रात की रानी
तेरा जुडा सितारों से सजाने कौन आएगा

नजीर उठ जाएगा दुनिया से मुझको ग़म नही इसका
ग़म इसका है कि तेरा ग़म उठाने कौन आएगा

आजकल के नेता लोग के देखी राजनीति हो तिरंगा सोच ता आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता

आजकल के नेता लोग के देखी राजनीति हो 
तिरंगा सोच ता आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता

पार्टी जातिवाद वाला नारा लगवेल।
आवे जब वोट सबके पहड़ा पढ़ावेल।।
हो.....पहड़ा पढ़ावेल।।
बनल एकता में डाले नेता फुटनीति हो तिरंगा सोच त
आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता
हो तिरंगा सोच ता

ओटवा से पहले सब शरीफे बुझाला।
पा जाले कुर्सी तब करेलन घोटाला।।
हो...करेलन घोटाला।।
आजकल के नेता लोग के यहे राजनीति हो तिरंगा सोच ता
आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता
हो तिरंगा सोच ता

पार्टी ए क झंडा सब कर गाड़ी पर देखात बा।
धीरे धीरे सबही तिरंगा के भुलात बा
हो.....तिरंगा के भुलात बा
आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता
हो तिरंगा सोच ता

लिखे ओमप्रकाश देखी के आवत रोवाई
लागता हमार कहियो देशवा लुटाई
अरे......देशवा लुटाई
दिन पर दिन बिगड़े देशवा के स्थिति हो
हो तिरंगा सोच ता
आगे कइसे दिनवा बीती हो तिरंगा सोच ता
हो तिरंगा सोच ता

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,जब कोई न हो अपना, श्रीराम जपा करना

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।

जीवन के समंदर में तूफ़ान भी आते हैं,
जो प्रभु के भरोसे हैं, प्रभु आप बचाते हैं,
वो खुद ही आएँगे, तुम नाम जपा करना,
तुम नाम जपा करना, श्री राम जपा करना,
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।

दावा ना जमा लेना ये देश बेगाना है,
इस घर में तो प्राणी, वापिस नहीं आना है,
मेरे राम की किरपा से, तुम भजन किया करना,
तुम भजन किया करना, श्री राम जपा करना,
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।

हे दास न रो दुःख से, प्रभु तुम से दूर नहीं,
भक्तों का दुखी होना, प्रभु को मंजूर नहीं,
आता है सदा उनको भक्तों पे दया करना,
भक्तों पे दया करना, श्री राम जपा करना,
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।
संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई न हो अपना, श्री राम जपा करना।

Sunday, July 6, 2025

रामा रामा रटते रटते,बीती रे उमरिया

रामा रामा रटते रटते,
बीती रे उमरिया ।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया ॥

मैं शबरी भिलनी की जाई,
भजन भाव ना जानु रे ।
राम तेरे दर्शन के हित,
वन में जीवन पालूं रे ।
चरणकमल से निर्मल करदो,
दासी की झोपड़िया ॥
॥ रामा रामा रटते रटते..॥

रोज सवेरे वन में जाकर,
फल चुन चुन कर लाऊंगी ।
अपने प्रभु के सन्मुख रख के,
प्रेम से भोग लगाऊँगी ।
मीठे मीठे बेरों की मैं,
भर लाई छबरिया ॥
॥ रामा रामा रटते रटते..॥

श्याम सलोनी मोहिनी मूरत,
नैयनो बीच बसाऊंगी ।
सुबह शाम नित उठकर मै तो,
तेरा ध्यान लगाऊँगी ।
[Extra/Optional]
पद पंकज की रज धर मस्तक,
जीवन सफल बनाउंगी ।
अब क्या प्रभु जी भूल गए हो,
दासी की डगरिया ॥
॥ रामा रामा रटते रटते..॥

नाथ तेरे दर्शन की प्यासी,
मैं अबला इक नारी हूँ ।
दर्शन बिन दोऊ नैना तरसें,
सुनलो बहुत दुखारी हूँ ।
हरी रूप में दर्शन देदो,
डालो एक नजरिया ॥
॥ रामा रामा रटते रटते..॥

रामा रामा रटते रटते,
बीती रे उमरिया ।
रघुकुल नंदन कब आओगे,
भिलनी की डगरिया ॥