My Parents Shree Jai Prakash Tiwari Kanchan Tiwari

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Lav Tiwari and Kush Tiwari Live Performance at Chhat Mahotsav in Noida

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Me and Noida MLA Smt Vimla Batham

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Lav Tiwari and Kush Tiwari on Mahuaa Plus

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Big Brother Ravi Pratap Singh

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Me Ravinder Goel and Chiranjeet Sir

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Friday, March 17, 2023

आओ फिर से दिया जलाएँ लिरिक्स



आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अंधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ

हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल
वर्तमान के मोहजाल में
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।

आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने
नव दधीचि हड्डियां गलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
― अटल बिहारी वाजपेयी

Thursday, March 16, 2023

आपके शहर में -- अंजुम रहबर

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आपके शहर में -- अंजुम रहबर

तोड़कर हर कसम आपके शहर में 2
आ गए आज हम आपके शहर में 2

इक इक दिन मुलाकात हो जायेगी 2
आते रहते हम आपके शहर में 2

जो मेरे आसुओं का लिखा पढ़ सके 2
लोग ऐसे है कम आपके शहर में 2

शहर ये  आपका है हमारा नही 2
भूल जाते है हम आपके शहर में 2

ऐसे वैसे कई देखते देखते 2
हो गए मोहतरम आपके शहर में 2

आप इतनी मोहब्बत करेगे अगर 2
मर ही जायेगे हम आपके शहर 2

हो के वो रह गया आपके शहर का 2
जिसने रखा कदम आपके शहर में

ये तमन्ना है अंजुम हम चलेंगे कभी 2
आपके साथ हम आपके शहर में 2

Wednesday, February 15, 2023

प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2

तर्ज –परदेसियों से ना अखियां मिलना
गीतकार –  फणिभूषण चौधरी
स्वर – धीरज कांत

प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना 
प्रभु के सिवा ...…..........2

ओ ............
जो प्रभु का गुणगान किया है
सच्चा जीवन वो ही जिया है 2
सुमिरन के बल से तुझे 2 मुक्ति है पाना 
प्रभु के सिवा .............

बालापन गया आज जवा है
बीत गया है अब, समय कहा है २
सोच समझ के 2 वक्त गवाना 
प्रभु के सिवा .............

आया जहा से वही फिर जाना
वहा साथ जाए न पैसा खजाना 2
पूछे गा तो क्या 2 करोगे बहाना 
प्रभु के सिवा .............


प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना 
प्रभु के सिवा ...…..........3

पारंपरिक होली गीत –गोरिया करके सिगार अगना में पीसे ली हरदिया 3

गोरिया करके सिगार   
अगना में पीसे ली हरदिया 3

कहवा के हो तोर सील सील वटिया 2
सील सील वटिया
कहवा के हरदी पुरान हो 3
गोरिया करके सिगार  ...…

नइहरे के हो तोर सील सील वटिया
सील सील वटिया
ससुरा के हरदी पुरान ३


सोलहो श्रृंगार में देखाई के सूरतिया
होलिया में हमरो जुड़ाई देलू छतिया
रुपवा से हटे ना ध्यान हो 
अरे देखी देखी डोले ला ईमान हो ३

गोरिया करके सिगार   
अगना में पीसे ली हरदिया 3

Tuesday, October 25, 2022

मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना

मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना 


मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना ३

तुझे मिल गई पुजारन २ और मुझे मिल गया ठिकाना

ओं प्रभु जी मुझे रास....................


मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले २ २

तेरी याद ने बना दी ओ गिरधर तेरे भजन ने बना दी 

मेरी जिंदगी बनाना

मुझे रास आ गया.............................


मुझे इसका गम नही है २ कि बदल गया ये ज़माना २

मेरी जिंदगी के मालिक कही तुम बदल ना जाना

मुझे रास आ..............


तेरी सावली सी सूरत, मेरे मन में बस गई है ओ गिरधर

मेरे सावरे कन्हैया २ मुझे और ना सतना २

मुझे रास आ......


मेरी आरजू यही है ,दम निकले तेरे दर पर

क्यों कि अभी सास चल रही ओ गिरधर

कही तुम चले ना जाना 

मुझे रास आ..............


मुझे रस ........२

तुझे मिल.......२



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चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे

 चली गगन से तरनी तरंगे  नमामि गंगे नमामि गंगे  


चली गगन से तरनी तरंगे 2

नमामि गंगे नमामि गंगे 2

चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे 2

सगर सूतो की, ये मुक्ति दात्री 2

नमामि ................2


विष्णु प्दामुजा बर्म्हामु कमंडल

और कठवती रैदास की है 2

शिव की जटा से, है धार निकली 2

नमामि ................2


सुता हिमालय की भीष्म जननी

धरा पर आई है पाप हरने 2

जन्हु की जंघा, वितरण करती 2

बहे अभंगे नमामि गंगे  

नमामि ................2


जहा भागीरथ की साधना हो

तपस्या करते महा मना हो 2

निर्मल अविरल तरल तरंगे

नमामि ................2


महा मना की ये कामना है

बहे अभंगे नमामि गंगे 2

धरा को उर्वर बनाने वाली 2

चली भागीरथ के संगे संगे 2


चली गगन से तरनी तरंगे 2

नमामि गंगे नमामि गंगे 2

चली गगन से तरनी तरंगे नमामि गंगे नमामि गंगे 2

सगर सूतो की ये मुक्ति दात्री 2

नमामि ................






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Tuesday, February 7, 2017

Mera Gav Jane kha kho gya hai Ghazal (मेरा गाव जाने कहाँ खो गया है)

ये सहेरे तमन्ना अमीरो की दुनिया ये
ख़ुदग़र्ज़ और बेज़मीरो की दुनिया
यहाँ सुख मुझे दो जहाँ का मिला हैं
मेरा गाव जाने कहाँ खो गया है...

 वो गाव के बच्चे वो बच्चो की टोली
 वो भोली वो मासूम चाहत की बोली
वो गुल्ली वो डंडा वो लड़ना वो झगड़ना
 मगर हाथ फिर दोस्ती से पकड़ना
 वो मंज़र हर एक याद फिर आ रहा हैं
 मेरा गाव जाने कहाँ खो गया है...............  

वो चोपाल वो आल्हा रुदल के किससे
 वो गीतों की गंगा वो सावन के जुले
वो लूट ता हुआ प्यार वो ज़िंदगानी हैं
मेरे लिए भूली बिसरी कहानी
छलकती हैं आँखे ये दिल रो रहा हैं
मेरा गाव जाने कहाँ खो गया है.............

ये चाँदी ये सोना ये हीरे ये मोती
थी अनमोल इन सब से एक सुखी रोटी
 जो मैने गवाए ना कोई गवाए
 के घर छोड़ कोई ना परदेश आए
मिलेगा ना अब वो जो पीछे लूटा हैं
मेरा गाव जाने कहाँ खो गया है...................