Friday, April 7, 2023
चलके विंध्याचल मंदिर में दुख दर्द सुनाई मैया देवी पचरा –मनोज तिवारी जी
3:01 AM
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जय हो विंध्याचल मैया काली कोह के महारानी
जय हो अष्टभुजा माई संकट हरनी कल्याणी
आ आ ............
चलके विंध्याचल मंदिर में दुख दर्द सुनाई मैया के
दर्शन से भाग चमक जाला दर्शन करि आइब मैया के
मैया के दर पे भवानी विंध्याचल दर पे
ममता के भंडार दया करुणा आ सागर के
चलके विंध्याचल मंदिर.........
दर्शन से भाग ......... कोरस
जब जब कौने विपदा आवे तब ध्यान चरण आ जाला
मैया के लेते नाम मृदुल संकट के काल परा जाला
दरबार में २ संकट हरनी के सौ पग पतवार हे नैया के
कोरस
चलके विंध्याचल मंदिर में दुख दर्द सुनाई मैया के
दर्शन से भाग चमक जाला दर्शन करि आइब मैया के
आशा में बचपन से बानी सुनिह कबहू मैया रानी २
ओहि चरण में २ बैठल ध्यान करब गुणगान सुनाई मैया के
चलके विंध्याचल मंदिर......... कोरस
कैसे आई छुछे हाथे इस सोच के मत घबरा पागल २
सब जाने ली २ उनसे का परदा केतना ले छुपाई मैया से
चलके विंध्याचल मंदिर......... कोरस
बेला फूल चमेली उधावुल लेके डालियां में
नारियर चुनरी टीका ले विंध्याचल गलियां में
चलके विंध्याचल मंदिर
कोरस
दर्शन से भाग चमक जाला दर्शन करि आइब मैया के
चलके विंध्याचल मंदिर
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना
2:43 AM
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तर्ज –परदेसियों से ना अखियां मिलना
गीतकार – फणिभूषण चौधरी
स्वर – धीरज कांत
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना
प्रभु के सिवा ...…..........2
ओ ............
जो प्रभु का गुणगान किया है
सच्चा जीवन वो ही जिया है 2
सुमिरन के बल से तुझे 2 मुक्ति है पाना
प्रभु के सिवा .............
ओ.......
बालापन गया आज जवा है
बीत गया है अब, समय कहा है २
सोच समझ के 2 वक्त गवाना
प्रभु के सिवा .............
ओ........
आया जहा से वही फिर जाना
वहा साथ जाए न पैसा खजाना 2
पूछे गा तो क्या 2 करोगे बहाना
प्रभु के सिवा .............
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना
प्रभु के सिवा ...…..........3
Friday, March 17, 2023
आओ फिर से दिया जलाएँ लिरिक्स
8:49 PM
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आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अंधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आंखों से ओझल
वर्तमान के मोहजाल में
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।
आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने
नव दधीचि हड्डियां गलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ
― अटल बिहारी वाजपेयी
Thursday, March 16, 2023
आपके शहर में -- अंजुम रहबर
6:43 PM
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आपके शहर में -- अंजुम रहबर
तोड़कर हर कसम आपके शहर में 2
आ गए आज हम आपके शहर में 2
इक इक दिन मुलाकात हो जायेगी 2
आते रहते हम आपके शहर में 2
जो मेरे आसुओं का लिखा पढ़ सके 2
लोग ऐसे है कम आपके शहर में 2
शहर ये आपका है हमारा नही 2
भूल जाते है हम आपके शहर में 2
ऐसे वैसे कई देखते देखते 2
हो गए मोहतरम आपके शहर में 2
आप इतनी मोहब्बत करेगे अगर 2
मर ही जायेगे हम आपके शहर 2
हो के वो रह गया आपके शहर का 2
जिसने रखा कदम आपके शहर में
ये तमन्ना है अंजुम हम चलेंगे कभी 2
आपके साथ हम आपके शहर में 2
Wednesday, February 15, 2023
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
2:41 PM
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तर्ज –परदेसियों से ना अखियां मिलना
गीतकार – फणिभूषण चौधरी
स्वर – धीरज कांत
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना
प्रभु के सिवा ...…..........2
ओ ............
जो प्रभु का गुणगान किया है
सच्चा जीवन वो ही जिया है 2
सुमिरन के बल से तुझे 2 मुक्ति है पाना
प्रभु के सिवा .............
बालापन गया आज जवा है
बीत गया है अब, समय कहा है २
सोच समझ के 2 वक्त गवाना
प्रभु के सिवा .............
आया जहा से वही फिर जाना
वहा साथ जाए न पैसा खजाना 2
पूछे गा तो क्या 2 करोगे बहाना
प्रभु के सिवा .............
प्रभु के सिवा कही दिल ना लगाना 2
नही तो पड़ेगा तुझे 2 आसू बहाना
प्रभु के सिवा ...…..........3
पारंपरिक होली गीत –गोरिया करके सिगार अगना में पीसे ली हरदिया 3
2:38 PM
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गोरिया करके सिगार
अगना में पीसे ली हरदिया 3
कहवा के हो तोर सील सील वटिया 2
सील सील वटिया
कहवा के हरदी पुरान हो 3
गोरिया करके सिगार ...…
नइहरे के हो तोर सील सील वटिया
सील सील वटिया
ससुरा के हरदी पुरान ३
सोलहो श्रृंगार में देखाई के सूरतिया
होलिया में हमरो जुड़ाई देलू छतिया
रुपवा से हटे ना ध्यान हो
अरे देखी देखी डोले ला ईमान हो ३
गोरिया करके सिगार
Tuesday, October 25, 2022
मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना
8:55 AM
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मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना
मुझे रास आ गया है अब तेरे दर पे सर झुकाना ३
तुझे मिल गई पुजारन २ और मुझे मिल गया ठिकाना
ओं प्रभु जी मुझे रास....................
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले २ २
तेरी याद ने बना दी ओ गिरधर तेरे भजन ने बना दी
मेरी जिंदगी बनाना
मुझे रास आ गया.............................
मुझे इसका गम नही है २ कि बदल गया ये ज़माना २
मेरी जिंदगी के मालिक कही तुम बदल ना जाना
मुझे रास आ..............
तेरी सावली सी सूरत, मेरे मन में बस गई है ओ गिरधर
मेरे सावरे कन्हैया २ मुझे और ना सतना २
मुझे रास आ......
मेरी आरजू यही है ,दम निकले तेरे दर पर
क्यों कि अभी सास चल रही ओ गिरधर
कही तुम चले ना जाना
मुझे रास आ..............
मुझे रस ........२
तुझे मिल.......२
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