Sunday, August 25, 2024
जग की पालनहार बने कैसे लगाना -: अजय त्रिपाठी
Saturday, August 24, 2024
जन्मे है कृष्ण कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो
देवकी के जन्मे कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो.....
नंद मगन मन मोतिया लुटावें,
रानी जसोमति झूलना झुलावें,
देखो बाज रही घर-घर शहनईया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
सुंदर मन हर रूप सलोना,
कृष्ण की छवि में है जादू औ टोना,
देखो बलदाऊ के हैं ये भैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
गईया बछडुआ ये खूब कुलांचें,
गोपी ग्वाल मगन होई नाचे,
देखो घर-घर में ता ता थैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
Saturday, August 17, 2024
संसार है चलो यहां देख भाल केइसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के –: धीरज कांत
संसार है चलो यहां देख भाल के
इसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
करो लाख हिफ़ाज़त मगर टूटेगा एक दिन
कब तक रखोगे कांच के बर्तन संभाल के
सर ताज महलो में भूखा यहां कोई
दुनिया के सारे झगड़े है रोटी और दाल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
काटे चुबे है पैर में और रोता भी है कोई
उनसे दुआ लो खैर के काटे निकल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
ये रौब का ये तेज और ये ज़ोर और जवानी
कायम रहेगी ना सदा लाली ये गाल की
संसार है चलो यहा देख भाल के
इसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के
Friday, August 16, 2024
तेरे खमोश, होंठों से, मोहब्बत, गुनगुनाती है -: अनुराधा पौडवॉल
ई त बेटी नहीं हई, गंगाजल हई हो ई परम पवित्र तुलसी दल हई हो-:श्री कृपा शंकर शुक्ल जी
Tuesday, April 9, 2024
हमके मिक्सर मँगवा द –: शिब्बू गाज़ीपुरी ( भोजपुरी गीत संग्रह - लोक मंजरी )
हमके मिक्सर मँगवा द
सिलवट पर हरदी ना पीसब ननद, हमके मिक्सर मँगवा द।
लोढ़ा उठावत क मुरुकल कलाई,
अब नाहीं हमसे मसाला पिसाई,
अपना भइया से जा के बता द ननद, हमके मिक्सर मँगवा द।
सिलवट पर हरदी...........
पीसत-पीसत चूड़ी फुटि जाला,
हाथ सुकुवार मोर, पड़ल फफोला,
वैदा से दवाई मंगा द ननद, हमके मिक्सर मँगवा द।
सिलवट पर हरदी...........
बइठि पीसत करिहइयाँ पिराइल,
खड़े-खड़े कीचन क आदत धराइल,
इहे सनेस पठवा द ननद, हमके मिक्सर मँगवा द।
सिलवट पर हरदी...........
गीतकार
हरविंदर सिंह उर्फ शिब्बू गाज़ीपुरी
ग्राम युवराजपुर जिला गाज़ीपुर
संपर्क सूत्र - ९९९०८७०१२१
झुरु-झुरु बहेला पवना हो रामा चइत महिनवां –: शिब्बू गाज़ीपुरी ( भोजपुरी गीत संग्रह - लोक मंजरी )
चइत महिनवां
झुरु-झुरु बहेला पवना हो रामा चइत महिनवां।
अमवा के मोजरा से गमके सिवनवां,
कुकेली कोयलिया भावेला मोरा मनवा,
चारो ओरी डोलेला मदनवां हो रामा चइत महिनवां।
झुरु-झुरु बहेला..............
महुआ के कोंचवा से टपकेला रसवा,
जियरा मदाई जाला उड़ेला अकसवा,
बस में ना आवे मोरा मनवा हो रामा, चइत महिनवां।
झुरु-झुरु बहेला..............
खेतवा में झुनू-झुनू बाजे अरहरिया,
खेतिहर धइ लेला खेत के डगरिया,
नीक लागे खेत-खरिहनवा हो रामा, चइत महिनवां।
झुरु-झुरु बहेला..............
गीतकार
हरविंदर सिंह उर्फ शिब्बू गाज़ीपुरी
ग्राम युवराजपुर जिला गाज़ीपुर
संपर्क सूत्र - ९९९०८७०१२१




















