Wednesday, November 20, 2024
पीके शराब संइया देलें रोज गरियाकरम हमार फूटल बा ए महतरिया -: विद्या सागर "सागर सनेही
9:09 AM
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पीके शराब संइया देलें रोज गरिया
करम हमार फूटल बा ए महतरिया
टोकला पर कहें पीहीं आपन कमाई
देले नाहीं पइसा हमके तोर बाप माई
बोलबी जो ढेर खइबी लबदा के मरिया
करम हमार फूटल बा ए महतरिया
घर में ना बाटे अब एगो बरतनवा
धीरे धीरे बेंचि दिहलस सगरी गहनवा
अब त बेचे की खातिर मांगे मोरी सारिया
करम हमार फूटल बा ए महतरिया
मना अगर करीं त तूरे लागे बक्सा
कहेला कि मारि के बिगाड़ देइब नक्शा
काटे खातिर लेके दउरे फरुहा,कुदरिया
करम हमार फूटल बा ए महतरिया
बलमा बेदर्दी के कइसे समझाईं
"सागर सनेही" कुछ रउयें बताईं
हमरा के सूझे नाहीं कवनो डहरिया
करम हमार फूटल बा ए महतरिया
ताना मारे बाली, हो बिंदिया, रोवेला कजरवा -: विद्या सागर "सागर सनेही
9:07 AM
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ताना मारे बाली, हो बिंदिया, रोवेला कजरवा
पिया पजरवा नइख
कइसे करीं तोहरे बिन गुजरवा
पिया पजरवा नइख
दिनवा त बीत जाला बीते नाहीं रतिया
अंखिया से बिसरे नाहीं तोहरी सुरतिया
जागल, जागल होई जाला भिनसरवा
पिया पजरवा नइख
कइसे करीं तोहरे बिन गुजरवा
सुधियो ना लिहल पिया जहिया से गइल
कवने कामे में जाके तूं हूं अझुरइल
समझ में आवे नाहीं कवनो मजरवा
पिया पजरवा नइख
कइसे करीं तोहरे बिन गुजरवा
हमरा के साले एगो शक वाली बतिया
रखिह ना संइया तुंहू कवनो सवतिया
सागर सनेही हमके तोहरे असरवा
पिया पजरवा नइख
कइसे करीं तोहरे बिन गुजरवा
जियता में नाहीं, नाहीं मुअला में अइल,बेटा ई का कइल -: विद्या सागर "सागर सनेही
9:06 AM
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जियता में नाहीं, नाहीं मुअला में अइल,
बेटा ई का कइल,
रीतियो रिवाज भूलि गइल
जबले जियल माई सबही से कहलस
बचवा हमार आई रहिया निहरलस
आवेके कहिके तूंहूं काहे नाहीं अइल
बेटा ई का कइल, रितियो...............
रुक गइली सांस, आश जिनगी के टूटल
तोहके निहारे खातिर आंख रहे खूलल
प्रीतिया के रीति त्यागी कहाँ अंझुरइल
बेटा ई का कइल रीतियो................
जीवन के साथी जब छोड़ि दिहली साथ हो
कइसे बिताइब दिनवा नइखे सुझात हो
"सागर" होइब हमार कइसे, माई के ना भइल
बेटा ई का कइल रीतियो रिवाज भुलि गइल
Sunday, September 29, 2024
गोदि में होरिलवा लेई माथे धइ घरिलवा -: शिब्बू गाज़ीपुरी
6:44 AM
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अपना खेतवा सिवनिया
गोदि में होरिलवा लेई माथे धइ घरिलवा,
धनिया चsलि दीहलि,
अपना खेतवा सिवनिया धनिया चsलि दीहलि।
डेगे-डेगे जालि धइ पतरी डगरिया,
सोहेला बदनिया प धानी रंग चूनरिया,
रूनुझूनु बाsजेले पाँव-पयजनिया, धनिया चsलि दीहलि
अपना खेतवा सिवनिया धनिया चsलि दीहलि।
झूरु-झूरु बहेला पवन पूरुवईया,
डोलेले कमरिया जइसे नदि बीच नईया,
बड़ा नीक लागेला कमर-करधनिया, धनिया चsलि दीहलि
अपना खेतवा सिवनिया धनिया चsलि दीहलि।
सगरो सिवनिया सरसोईया फुलाईल,
गोरि कs टिकूलिया में जिया अझुराइल,
करले गुलेल उनका नाके क झुलनिया, धनिया चsलि दीहलि
अपना खेतवा सिवनिया धनिया चsलि दीहलि।
Sunday, August 25, 2024
जग की पालनहार बने कैसे लगाना -: अजय त्रिपाठी
3:16 PM
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जग की पालनहार बने कैसे लगाना
झूले नंदलाल आज यशोदा के पालना
जिनके भरोसे ये जग सारा
मांग रहा मैया से दे दे सहारा
टुकुर टुकुर पालने से देख रहा ललना
झूले नंदलाल..…
पर्वत नदिया जिससे बनती
दया दृष्टि से दुनिया चलती
गिर गिर उठ उठ सीख रहा लालना
झूले नंदलाल..…
अजब रूप प्रभु अपना बनाए
रुदन करत कभी कभी मुस्काए
देती है मैया ला के खिलौना
झूले नंदलाल..…
Saturday, August 24, 2024
जन्मे है कृष्ण कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो
8:07 AM
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जन्मे है कृष्ण कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो,
देवकी के जन्मे कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो.....
नंद मगन मन मोतिया लुटावें,
रानी जसोमति झूलना झुलावें,
देखो बाज रही घर-घर शहनईया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
सुंदर मन हर रूप सलोना,
कृष्ण की छवि में है जादू औ टोना,
देखो बलदाऊ के हैं ये भैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
गईया बछडुआ ये खूब कुलांचें,
गोपी ग्वाल मगन होई नाचे,
देखो घर-घर में ता ता थैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
देवकी के जन्मे कन्हैया गोकुल में बाजे बधैया हो.....
नंद मगन मन मोतिया लुटावें,
रानी जसोमति झूलना झुलावें,
देखो बाज रही घर-घर शहनईया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
सुंदर मन हर रूप सलोना,
कृष्ण की छवि में है जादू औ टोना,
देखो बलदाऊ के हैं ये भैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
गईया बछडुआ ये खूब कुलांचें,
गोपी ग्वाल मगन होई नाचे,
देखो घर-घर में ता ता थैया,
गोकुल में बाजे बधैया हो,
जन्मे है कृष्ण कन्हैया....
Saturday, August 17, 2024
संसार है चलो यहां देख भाल केइसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के –: धीरज कांत
4:53 AM
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संसार है चलो यहां देख भाल के
इसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
करो लाख हिफ़ाज़त मगर टूटेगा एक दिन
कब तक रखोगे कांच के बर्तन संभाल के
सर ताज महलो में भूखा यहां कोई
दुनिया के सारे झगड़े है रोटी और दाल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
काटे चुबे है पैर में और रोता भी है कोई
उनसे दुआ लो खैर के काटे निकल के
संसार है चलो यहा देख भाल के
ये रौब का ये तेज और ये ज़ोर और जवानी
कायम रहेगी ना सदा लाली ये गाल की
संसार है चलो यहा देख भाल के
इसको बनाने वाले भी होंगे कमाल के
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